खुशखबरी! Rajasthan के इस शहर में चलेंगी Electric Buses

खुशखबरी! Rajasthan के इस शहर में चलेंगी Electric Buses - नया साल यानी कि 2020 जयपुर के लिए सौगात लेकर आने वाला है और ये सौगात होगी Electric Buses की। यानि की e-Bus राजधानी जयपुर में Electric Buses चलने की राह आखिरकार खुल गई है। अब नए साल 2020 में जयपुर को इलेक्ट्रिक बस की सौगात मिलने वाली है।

जयपुर में इलेक्ट्रिक बस चलाने की प्रतिस्पर्धा Tata Company ने जीत ली है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड जेसीटीएसएल ने टाटा कंपनी को शहर में सौ इलेक्ट्रिक बसें चलाने का वर्कऑर्डर जारी कर दिया है।

जयपुर को फरवरी मार्च में मिलेगी पहली ही बस। JCTL प्रबंधन का कहना है कि एग्रीमेंट के मुताबिक इलेक्ट्रिक बसें चलाने वाली ठेकेदार कंपनी को एक साल में सभी सौ बसों का संचालन शुरू करना होगा तथा कंपनी पहले छह महीने में 50 Electric Buses का संचालन शुरू करेगी।

खुशखबरी! Rajasthan के इस शहर में चलेंगी Electric Buses


कार्यादेश जारी करने के बाद अब कंपनी 90 दिन में Prototype Design देगी और उसको अप्रूव करने के बाद फरवरी मार्च में ट्रायल के तौर पर जयपुर में इलेक्ट्रिक बस का संचालन शुरू होगा और ट्रायल सफल रहने पर अप्रेल तक जयपुर में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन पूरी तरह से शुरू हो जाएगा।



JCTL एक दिन में एक बस पर खर्च आएगा 13 हजार 300 रुपए जैसे डीजल और टाटा कंपनी के बीच प्रति किलोमीटर शासक रुपए 50 पैसे प्रति किलोमीटर की दर पर सहमति बनी है जैसे टीम ने टाटा कंपनी को प्रतिदिन एक बस को कम से कम 200 किलोमीटर चलाने का भरोसा दिलाया है।

इस हिसाब से जेसीटीएसएल प्रबंधन प्रति बस रोजाना 13 हजार तीन सौ रुपए का भुगतान टाटा कंपनी को करेगा। बसों पर ड्राइवर टाटा मोटर्स के रहेंगे। मेंटेनेंस और सर्विस का काम भी कंपनी का रहेगा। इसके बदले में जेसीटीएसएल टाटा मोटर्स को साढ़े 66 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान करेगी।

बसों पर कंडक्टर जेसीटीएसएल के रहेंगे और बसों में आने वाला रेवेन्यू भी JCTL का ही होगा तथा मोटर्स ने कम रेट से जीता है यह कॉन्ट्रेक्ट जानकारी के मुताबिक जयपुर में इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए आधा दर्जन कंपनियों ने आवेदन किया था लेकिन टाटा को छोड़कर।

बाकी कंपनियों ने रेट काफी ज्यादा दी थी। दूसरी कंपनियों ने प्रति किलोमीटर 75 रुपए से लेकर 95 रुपए तक की दरें दी थी और कुछ कंपनियां नवासी रुपए तक बसें चलाने को तैयार थी जबकि टाटा कंपनी ने प्रति किलोमीटर 67 रुपए 75 पैसे प्रति किलोमीटर की दर दी जिसे नेगोशिएशन के बाद साढ़े 66 रुपए प्रति किलोमीटर कर दिया गया।

अब बता दे कि जयपुर में साल 2018 में 40 इलेक्ट्रिक बसें चलनी थी गौरतलब है कि जयपुर में साल 2018 में 40 इलेक्ट्रिक बसें चलनी थी लेकिन चीन की कंपनी के अड़ंगे के चलते ही बस नहीं चल पाई थी और आखिरकार अब जयपुर में 2020 में इलेक्ट्रिक बसें चलने की राह खुली है।

गहलोत सरकार ने ये वादा किया था कि वो सो इलेक्ट्रिक बसों की सौगात जयपुर शहर को देगी तो गहलोत सरकार का ये पहला वादा सरकार के पहले कार्यकाल में पूरा हो रहा है। पहले साल का जो कार्यकाल है उसमें पूरा हो रहा है और सरकार पहली वर्षगांठ पर ही बस की सौगात जयपुर शहर को देने जा रही है।

JCTL के ओएसडी वीरेन्द्र जैन बताते हैं कि जयपुर में TATA Motor के साथ बस चलाने पर सहमति बन गई है। टाटा मोटर्स की दरें सबसे कम थी इसलिए अब टाटा मोटर्स को ही वर्कऑर्डर दिया गया है।

राज्य की प्रक्रिया पूरी करके टाटा मोटर्स फरवरी मार्च में कुछ इलेक्ट्रिक बसें ट्रायल के लिए जेसीटीएसएल को देगी। उसके बाद सभी सौ बसें 2020 के आखिर तक जेसी गोयल को मिल जाएंगी। उदयपुर शहर को नई इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी वो भी एयर कंडीशंड। उदयपुर शहर में प्रदूषण का स्तर कम करने में मदद मिलेगी और लम्बे अरसे से। इन्तजार था। जयपुर शहर में इलेक्ट्रिक बसों के चलने का वो पूरा होगा। साल 2020 में।

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