आदिवासियों ने मुस्लिम समाज के लोगों को लताड़ा। उन्होंने उनके गांव को बर्बाद करना चाहा।

बिहार तथा बंगाल के बॉर्डर पर धूलाबाडी आदिवासियों का गांव है। जहां आदिवासियों का एक समूह शांति से रहता है तथा खुशहाल जीवन बिताता है।

हाल ही में वहां के मुस्लिम कम्युनिटी द्वारा उन आदिवासियों को हटाने की साजिश रची गई। और कहा यदि वह इस्लाम कबूल करे तो उन्हें तंग नहीं किया जाएगा। वह जोर जबरदस्ती के दम पर इस्लाम कबूल वरना वहां के आदिवासियों को वहां से भगाना चाहते थे।

आदिवासियों ने शांति से उन्हें समझाया कि वह ऐसा ना करें, वह नाही इस्लाम कबूल करना चाहते थे ना ही  वहां से नहीं जा सकते थे। क्योंकि वह यहां पर काफी समय से रह रहे हैं और वह स्थान उनके पूर्वजों का स्थान है। आदिवासियों के कई बार समझाने के बाद भी मुस्लिम कम्युनिटी वहां से जाने को राजी नहीं थी।

आदिवासियों ने खुद को बचाने के लिए मुस्लिम लोगों पर तीर भालो और तेज धार वाले हत्यारों से हमला कर दिया। इस हमले में आदिवासियों ने 5 से 6 लोगों को बुरी तरह जख्मी कर दिया। कई लोगो की पर तथा पीछे तीर मारे ओर एक व्यक्ति के पीछे भाला घोंप दिया तथा आपने गांव की रक्षा की।

आदिवासियों को इस्लाम कबूल करवाना पड़ा महंगा, तीर और भाले से दिया जवाबआदिवासियों को इस्लाम कबूल करवाना पड़ा महंगा, तीर और भाले से दिया जवाब

घटना के बाद मुस्लिम समाज के लोग वहां जाने से डर रहे हैं। एक आदिवासी समाज ने खुद को बचाने के लिए यह कदम उठाया। माना यह भी जाता है कि वह लोग आगे भी ऐसे कदम उठाएंगे यदि मुस्लिम कम्युनिटी द्वारा उन्हें दोबारा तंग किया जाए।

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