टीपू सुलतान के बाप हैदरअली ने लगाया था। शूद्र महिलाओं पर स्तन (breast) टैक्स।

भाइयो भीमटे अक्सर कहते रहते है कि केरल के ब्राह्मण राजा ने शुद्र कन्यायों पर breast tax लगाया और टीपू सुल्तान ने शुद्रो को इस टैक्स से मुक्ति दिलवाई, पर सवाल ये है जब नंगेली ने अपने स्तन काटे तब राजा था हिन्दू तो टीपू सुल्तान ने मदद कैसे कर दी क्योंकि दूसरे राज्य के राजा टीपू सुल्तान तो मर चुका था उस समय???
आखिर किसने और क्यों लगाया था शुद्र कन्यायों पर ये भयानक टैक्स जाने इस पोस्ट में।

चित्रदुर्गा किला जो कि “राजा वीर मदकारी नायक वाल्मीकि” के शासन में था उस किले में ओनेकओबावा(शुद्र) के पति रक्षक थे, उनके पति दोपहर को खाना खाने आये हुए थे घर मे पानी नही था इसलिए ओनेक ओबावा पानी भरने के लिए ऊपर पहाड़ी में स्थित तालाब में गयी। वहाँ से उन्होंने देखा कुछ सैनिक किले में घुसने का प्रयास कर रहे है।

ओनेक ओबावा ने बिना वक़्त गवाए अपनी मूसल ले कर उन सैनिको पर छिप कर प्रहार करने लगी, एक एक कर उनके हाथों सैनिक मारे जाने लगें, उसी समय हैदर अली के सेनापति को भनक लगी कि कोई पीछे से उन पर वार कर रहा है , और तभी सेनापति की नज़र ओनेक ओबावा पर पड़ी, वो तुरंत वहाँ से भागी इधर चित्रदुर्गा किले के सैनिको को भी हैदर अली के सेना का होने की सूचना मिलते ही बाहर निकल अली की सेंना पर टूट पड़े, परंतु तब तक देर हो चुकी थी ओनेक ओबावा बुरी तरह घायल अवस्था मे अपने पति के पास पहुँची और प्राण त्याग दिये।
इधर हैदर अली के सेना बुरी तरह परास्त हो चुकी थी।
हैदर अली शुद्रो से बहुत क्रोधित था उस ने दोबारा चित्रदुर्गा पर आक्रमण किया और इस बार चित्रदुर्गा को जीतने के बाद उसने शुद्र कन्याओ को दंड देने के लिए BREAST TAX लगा दिया।
हैदर अली के मरते ही पूरे हिन्दू समाज ने ब्राह्मणों के नेतृत्व में शुद्र कन्याओ को इस भयानक tax से मुक्ति दिलाने के लिए विद्रोह कर दिया, हैदर अली के पुत्र टीपू सुल्तान ने इस विद्रोह का बुरी तरह दमन किया, हज़ारो हिन्दुओ को मारा, लूटा गया, ब्राह्मणों की गर्दने कटवा दी गयी, मंदिरो को नष्ट कर दिया गया।

इधर विद्रोह का दमन करने के चक्कर मे टीपू सुल्तान केरल राज्य गवा बैठा।

केरल और अंग्रेज़ो का गठबंधन हो चुका था, उधर टीपू के राज्य में शुद्रो पर breast tax लगता ही था ,इधर केरल में भी अंग्रेज़ो ने राजा पर दबाव बना कर समस्त हिन्दू मुसलमान कन्यायों पर tax जारी रखा,
अमीर घराने के हिन्दू मसलमान तो ये टैक्स भर देते थे पर गरिब यह टैक्स न भर पाते अतः टैक्स से मुक्ति पाने के लिए ईसाई धर्म अपना लेते।

राजा ने कई बार इस कर को हटाने की कोशिश की पर वह किसी हालात में अंग्रेज़ो को दुश्मन नही बनाना चाहता था क्योंकि अंग्रेज़ो से दुश्मनी मतलब टीपू का आक्रमण, अतः विवश हो राजा ने इस कर को जबरदस्ती नही हटवाया परंतु वह दरख्वास्त करता रहता था।
समय बीतता गया, टीपू की मृत्यु(ई० 1799) हो गयी, राजा बूढ़ा हो गया।
एक दिन जब अंग्रेज़ शुद्र कन्यायों से ब्रैस्ट टैक्स वसूलने गांव पहुँचे वहाँ नंगेली नामक गरीब शुद्र कन्या ने दुखी और क्रोधित होकर अपना स्तन काट(ई०1824) लिया इसके बाद पूरे राज्य में समस्त स्त्रीयो ने विद्रोह कर राजा और अंग्रेज़ो पर दबाव बना कर इस टैक्स से मुक्ति पाई(ई०1859)।

ये थी breast tax की कहानी, टीपू सुल्तान के बाप हैदर अली ने इस टैक्स को शुद्र कन्यायों पर लगाया, टीपू में इसको जारी रखा,केरल में विद्रोह हुआ वो भी टीपू के मरने के बाद देखा भाइयो ब्राह्मणों को बदनाम करने के लिए टीपू को कैसे हीरो बनाया जा रहा है।

Note- नंगेली की स्तन काटे जाने वाली घटना की किसी भी ऐतिहासिक पुस्तक में उल्लेख नही है net के आधार पर नंगेली की कहानी और तिथि ली गयी है।

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